पत्र लेखन format in Hindi छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए सही format और भाषा का ज्ञान होना जरूरी है। इस लेख में formal और informal पत्र लेखन के format, examples और practice questions दिए गए हैं।
पत्र लेखन
पत्र लेखन एक ऐसी कला है जिसके माध्यम से हम अपने विचारों, भावनाओं, समाचारों या संदेशों को लिखित रूप में दूसरों तक पहुंचाते हैं। यह संवाद का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिसमें भाषा की शुद्धता, शिष्टाचार और स्पष्टता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
पत्र के प्रकार
1. औपचारिक पत्र– औपचारिक पत्र वे होते हैं जो एक निश्चित नियम और औपचारिक शैली के साथ लिखे जाते हैं। ये पत्र पूरी तरह से प्रोफेशनल और संक्षिप्त होते हैं , जिनमें सीधे विषय से जुड़ी बात की जाती है। आमतौर पर, इन्हें किसी सरकारी अधिकारी, बैंक, संपादक, शिक्षक, या व्यावसायिक संस्थानों को लिखा जाता है।
v आवेदन पत्र
v संपादक के नाम पत्र
v शिकायत पत्र
v आधिकारिक निवेदन पत्र
2. अनौपचारिक पत्र– अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो व्यक्तिगत संबंधों को बनाए रखने और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए लिखे जाते हैं। इनमें कोई विशेष नियम या औपचारिकता का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती। इन्हें अपने मित्रों, परिवार के सदस्यों, या परिचितों को लिखा जाता है। इस प्रकार के पत्र में भाषा सरल, आत्मीय और स्वाभाविक होती है।
मित्र को पत्र
v माता-पिता को पत्र
v भाई या बहन को पत्र
v मित्र को पत्र
v रिश्तेदार (चाचा, मामा आदि) को पत्र
v पड़ोसी को पत्र
औपचारिक पत्र का सही प्रारूप
Ø सेवा में,
Ø श्रीमान/श्रीमती [पदनाम]
Ø [संस्था/कार्यालय का नाम]
Ø [स्थान]
Ø दिनांक: [DD.MM.YYYY]
Ø विषय: [पत्र का मुख्य विषय]
महोदय/आदरणीय श्रीमान,
o ( भूमिका – पत्र लिखने का उद्देश्य बताएं।)
o ( मुख्य भाग – समस्या, निवेदन या अनुरोध को विस्तार से समझाएं।)
o (निष्कर्ष – पत्र के अंत में समाधान या अपेक्षा स्पष्ट करें।)
अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया [अपेक्षित कार्य] करने की कृपा करें।
Ø सधन्यवाद/सादर,
Ø [आपका नाम]
Ø [पद (यदि लागू हो)]
Ø [संस्थान या कक्षा (यदि छात्र हों)]
उदाहरण: विद्यालय में अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय
कखग उच्च माध्यमिक विद्यालय,
दरभंगा, बिहार
दिनांक: 19.02.2025
विषय: तीन दिनों के अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं कक्षा 10वीं का छात्र राहुल वर्मा हूँ। मुझे पारिवारिक कारणों से 15 फरवरी से 17 फरवरी तक विद्यालय आने में असमर्थ रहूँगा।
अतः कृपया मुझे तीन दिनों का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।
आपकी कृपा के लिए मैं सदा आभारी रहूँगा।
आपका आज्ञाकारी
राहुल वर्मा
कक्षा – 10वीं
क्रमांक संख्या : 35
अनौपचारिक पत्र का सही प्रारूप:
Ø [प्रेषक का पता]
Ø [दिनांक: DD.MM.YYYY]
प्रिय [संबोधित व्यक्ति का नाम],
(भूमिका – पत्र की शुरुआत में हालचाल पूछें और पत्र लिखने का कारण बताएं।)
( मुख्य भाग – अपनी बात को विस्तार से लिखें, जैसे कोई अनुभव साझा करना, शुभकामनाएँ देना, या कोई सलाह देना।)
(निष्कर्ष – पत्र के अंत में आगे मिलने की बात करें, स्नेह या शुभकामनाएँ दें।)
Ø आपका प्रिय/स्नेहपूर्वक/तुम्हारा मित्र/तुम्हारी बेटी आदि,
Ø [आपका नाम]
उदाहरण: मित्र को परीक्षा की तैयारी के लिए शुभकामनाएँ देने हेतु पत्र
रामनगर कॉलोनी,
दरभंगा, बिहार
दिनांक: 19.03.2025
प्रिय अजय,
कैसे हो? आशा करता हूँ कि तुम अच्छे स्वास्थ्य में होंगे। मैंने सुना कि तुम्हारी बोर्ड परीक्षाएँ नजदीक आ रही हैं। मैं तुम्हें दिल से शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि तुम अपनी मेहनत और लगन से अच्छे अंक प्राप्त करोगे।
परीक्षा की तैयारी करते समय ध्यान रखना कि तनाव न लो और समय का सही उपयोग करो। रोज थोड़ा समय व्यायाम और ताजगी भरे वातावरण में बिताओ ताकि मन शांत रहे। अगर किसी विषय में मदद की जरूरत हो, तो मुझे बेझिझक बताना।
जल्द ही परीक्षा खत्म होने के बाद मिलेंगे और ढेर सारी बातें करेंगे। अपना ध्यान रखना और मेहनत से पढ़ाई करना।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
राहुल
Note- औपचारिक पत्र का प्रारूप विभिन्न बोर्डों और संस्थानों में भिन्न हो सकता है। विशेष रूप से, यह पैटर्न बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए तैयार किया गया है, क्योंकि उनकी परीक्षाओं में इसी प्रारूप का पालन किया जाता है। इसलिए, बिहार बोर्ड के छात्र इसी संरचना के अनुसार अभ्यास करें, जिससे उन्हें परीक्षा में बेहतर परिणाम मिल सके।
उदहारण
Ø अपने मित्र को एक पत्र लिखिए जिसमें वर्तमान बिहार विकास की दशा और दिशा का वर्णन कीजिए|
नवी कॉलोनी ,
कंकरबाग, पटना
दिनांक 15.03.2025
प्रिय रितेश,
स्नेहपूर्ण अभिवादन! आशा है, तुम स्वस्थ और प्रसन्नचित्त होगे। तुम्हारा पत्र प्राप्त हुआ, जिससे यह ज्ञात हुआ कि तुम बिहार के वर्तमान विकास और किसानों की स्थिति के बारे में जानने को उत्सुक हो।
यह जानकर हर्ष होगा कि बिहार बीते वर्षों में विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर हो रहा है। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, विद्युत उत्पादन और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए नई योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। अब यहाँ 24 घंटे बिजली उपलब्ध है, जिससे उद्योगों और व्यापार को भी बढ़ावा मिल रहा है। सड़कें पहले की तुलना में अधिक सुगम और व्यवस्थित हो गई हैं, जिससे आवागमन सरल हो गया है।
अपराध और भय का माहौल भी काफी हद तक नियंत्रित किया गया है, जिससे राज्य में शांति और स्थिरता बनी हुई है। विभिन्न योजनाओं और सरकारी प्रयासों के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह सब संकेत हैं कि बिहार उत्तरोत्तर प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
अब तुम्हें अपने उत्तराखंड की वर्तमान दशा और विकास के बारे में भी अवगत कराना चाहिए। आशा करता हूँ, जल्द ही तुम्हारा पत्र मिलेगा।
शेष शुभ!
तुम्हारा मित्र,
मनोज
Ø मासिक शुल्क माफ़ करने के लिए प्रधानाध्यापक के पास आवेदन पत्र लिखिए|
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
डी. जी. पी. इंटर कॉलेज,
मौलागंज, मधुबनी
दिनांक: 15 मार्च 2025
विषय: मासिक शुल्क माफ करने हेतु आवेदन।
मान्यवर,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का एक निर्धन छात्र हूँ और कक्षा 12 में अध्ययनरत हूँ। मेरे पिताजी मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी आय अत्यंत सीमित है, जिससे परिवार के दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो जाता है। हम तीन भाई-बहन अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ते हैं, जिससे शिक्षा का खर्च उठाना हमारे परिवार के लिए अत्यंत कठिन हो गया है।
मैं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहता हूँ और एक सुयोग्य नागरिक बनकर अपने परिवार और समाज का उत्थान करना चाहता हूँ। किंतु आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मेरे लिए मासिक शुल्क भरना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरा मासिक शुल्क माफ कर दें, जिससे मैं अपनी शिक्षा सुचारू रूप से जारी रख सकूँ।
आपकी कृपा के लिए मैं सदा आपका आभारी रहूँगा।
सादर,
आपका आज्ञाकारी छात्र,
अतीक अली
कक्षा – 12वीं
अनुक्रमांक – 40
Ø अपने प्रधानाचार्य के पास एक आवेदन पत्र लिखें जिसमें जिम सामग्री उपलब्ध कराने की प्राथर्ना की गयी हो |
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
रमा प्रसाद उच्च विद्यालय,
किलाघट , दरभंगा
दिनांक: 15 मार्च 2024
विषय: जिम सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।
मान्यवर,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय में शारीरिक शिक्षा और खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल खेल का मैदान उपलब्ध है, लेकिन आधुनिक जिम सामग्री का अभाव है। वर्तमान समय में छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि विद्यालय में जिम उपकरण उपलब्ध हों, तो छात्र-छात्राएँ अपनी शारीरिक क्षमता को विकसित कर सकेंगे, जिससे उनकी एकाग्रता और मानसिक शक्ति भी बढ़ेगी।
अतः श्रीमान से करबद्ध प्रार्थना है कि विद्यालय में जिम उपकरण जैसे—डंबल, ट्रेडमिल, साइकिलिंग मशीन, वेट लिफ्टिंग सेट आदि उपलब्ध कराने की कृपा करें। इससे विद्यार्थियों को नियमित रूप से व्यायाम करने का अवसर मिलेगा और वे शारीरिक व मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ व सक्रिय रहेंगे।
आशा है कि आप हमारे अनुरोध को स्वीकार कर हमें यह सुविधा प्रदान करेंगे। आपकी कृपा के लिए हम सदा आभारी रहेंगे।
सादर
छात्र एवं छात्रागण
Ø अपनी छोटी बहन को समय का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।
18, जीवन नगर,
गाजियाबाद।
दिनांक: 13 मार्च 2025
प्रिय कुसुमलता,
स्नेहपूर्वक शुभाशीष!
आशा करता हूँ कि तुम स्वस्थ और प्रसन्नचित्त होगी। छात्रावास में तुम्हारा समय सुचारू रूप से व्यतीत हो रहा होगा और तुम अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही होगी।
प्रिय कुसुम, तुम अत्यंत सौभाग्यशाली हो कि तुम्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य को सँवारने का यह सुनहरा अवसर मिला है। परंतु याद रखना, समय बहुत मूल्यवान होता है और इसका सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। बड़ा भाई होने के नाते मैं तुम्हें यही सलाह देना चाहता हूँ कि तुम अपने समय का सर्वोत्तम उपयोग करो।
अपनी दिनचर्या को इस प्रकार निर्धारित करो कि पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मनोरंजन और आराम भी आवश्यक हैं, लेकिन उनकी एक सीमा होनी चाहिए। व्यर्थ की बातों और अनावश्यक गतिविधियों में अपना समय नष्ट मत करना। अपने लक्ष्य को हमेशा ध्यान में रखकर अनुशासनपूर्वक कार्य करना। साथ ही, अपनी रचनात्मक रुचियों को विकसित करने और खेल-कूद में भी भाग लेने का प्रयास करना, क्योंकि शारीरिक स्वास्थ्य भी मानसिक उन्नति के लिए आवश्यक है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि तुम मेरी बातों को समझोगी और अपने समय का सर्वोत्तम उपयोग कर परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करोगी। तुम्हारी सफलता ही मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता का कारण होगी।
शुभकामनाओं सहित,
तुम्हारा भाई
सौरभ
Ø अपने मित्र को वार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान पर उत्तीर्ण होने के उपलक्ष्य में बधाई पत्र लिखिए।
40/3, नेहरू विहार,
दिल्ली ।
दिनांक: 13 मार्च 2025
प्रिय मित्र गुप्ता ,
सप्रेम नमस्कार!
मुझे यह जानकर अपार हर्ष हुआ कि तुमने अपनी वार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जब मैंने समाचार-पत्र में तुम्हारी सफलता की खबर पढ़ी, तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा।
प्रिय मित्र, मुझे पहले से ही तुम पर पूर्ण विश्वास था कि तुम अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा के बल पर यह सफलता अवश्य प्राप्त करोगे। तुम्हारी इस उपलब्धि से न केवल तुम्हारा परिवार, बल्कि हम सब मित्र भी गर्व महसूस कर रहे हैं। तुम्हारी कड़ी मेहनत और समर्पण का यह प्रतिफल तुम्हारे उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
मेरी ओर से तुम्हें हार्दिक बधाई! मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि तुम इसी प्रकार आगे बढ़ते रहो और अपने लक्ष्य को प्राप्त करो। मुझे विश्वास है कि आने वाली कॉलेज परीक्षाओं में भी तुम और अधिक शानदार परिणाम प्राप्त करोगे। मेरी शुभकामनाएँ सदैव तुम्हारे साथ हैं।
शुभकामनाओं सहित,
तुम्हारा मित्र
उज्वल
Ø अपने परिवार से दूर रहकर नौकरी कर रहे पिता का हाल-चाल जानने के लिए पत्र लिखिए।
20/3, कैलाश नगर ,
दिल्ली
दिनांक: 13 मार्च 2025
पूज्य पिताजी,
सादर चरण-स्पर्श।
कई दिनों से आपका कोई पत्र नहीं मिला, जिससे हम सभी आपकी कुशलता को लेकर चिंतित हैं। आशा करता हूँ कि आप स्वस्थ और प्रसन्नचित्त होंगे। हम सब यहाँ सकुशल हैं और प्रतिदिन भगवान से आपकी अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं।
पिताजी, मैंने घर की सारी ज़िम्मेदारियाँ संभाल ली हैं। घर के भीतर और बाहर के अधिकतर कार्य अब मैं ही करता हूँ, इसलिए आप निश्चिंत रहें। सलोनी आपको बहुत याद करती है और हर समय "पापा-पापा" की रट लगाए रहती है। इस बार जब आप घर आएँ, तो कृपया उसके लिए सुंदर गुड़ियों का एक उपहार अवश्य लेते आइएगा।
आप अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें। समय पर भोजन करें, पर्याप्त विश्राम करें और यदि तनिक भी अस्वस्थता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। आपकी कुशलता ही हमारे सुख का आधार है।
आपके पत्र की प्रतीक्षा रहेगी।
आपका पुत्र
राकेश झा
Ø अपने मुहल्ले के पोस्टमैन की कार्यशैली का वर्णन करते हुए पोस्टमास्टर को शिकायती पत्र लिखिए।
15, उल्लास नगर ,
कल्याण , महाराष्ट्र
दिनांक: 13 मार्च 2025
सेवा में,
श्रीमान पोस्टमास्टर,
उप-डाकघर उल्लास नगर,
कल्याण
विषय: मोहल्ले के पोस्टमैन की लापरवाही के संबंध में शिकायत।
महोदय,
मैं आपका ध्यान हमारे मोहल्ले उल्लास नगर के पोस्टमैन की लापरवाही और कर्तव्यहीनता की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। मोहल्ले के अधिकांश निवासियों की यह शिकायत है कि डाक समय पर वितरित नहीं की जाती है, जिससे लोगों को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई बार महत्वपूर्ण पत्र, दस्तावेज और पार्सल भी समय पर नहीं पहुँचते, जिससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा व्यक्तियों और व्यापारियों को परेशानी होती है।
इसके अतिरिक्त, पोस्टमैन द्वारा कभी-कभी डाक को गलत पते पर छोड़ने या स्वयं लेने के लिए बुलाने जैसी शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। यह लापरवाही न केवल डाक सेवाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रही है, बल्कि आम जनता के लिए असमंजस की स्थिति भी उत्पन्न कर रही है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले की गंभीरता से जाँच कर आवश्यक कार्यवाही करें, जिससे इस समस्या का शीघ्र समाधान हो सके और डाक सेवा पुनः सुचारू रूप से संचालित हो।
सधन्यवाद!
भवदीय
आनंद सौरभ
Ø अपने गाँव में पाठशाला खुलवाने हेतु जिला परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखिए।
नारायणपुर,
बहराइच (उ.प्र.)
दिनांक: 13 मार्च 2025
सेवा में,
श्रीमान अध्यक्ष महोदय,
जिला परिषद,
बहराइच।
विषय: हमारे गाँव में प्राथमिक पाठशाला खोलने हेतु निवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे गाँव नारायणपुर में एक प्राथमिक पाठशाला की अति आवश्यकता है। वर्तमान में हमारे गाँव तथा आसपास के क्षेत्र में कोई भी विद्यालय उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए कई मील दूर जाना पड़ता है। यह स्थिति विशेष रूप से उन बच्चों के लिए अत्यधिक कष्टदायक है जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और लंबी दूरी तय करना उनके लिए संभव नहीं होता।
हमारे गाँव की जनसंख्या भी पर्याप्त है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ एक विद्यालय की स्थापना अत्यंत लाभकारी होगी। यदि यहाँ एक प्राइमरी पाठशाला खोल दी जाए, तो हमारे गाँव के साथ-साथ आसपास के गाँवों के बच्चे भी शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे और उनका भविष्य उज्जवल बन सकेगा।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र ही हमारे गाँव में एक प्राथमिक पाठशाला स्थापित करने की कृपा करें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमारे अनुरोध को स्वीकार कर आवश्यक कदम उठाएँगे।
सधन्यवाद।
भवदीय
राहुल
अभ्यास
1. अपने मित्र को पत्र लिखकर उसे अपनी गर्मी की छुट्टियों के अनुभव के बारे में बताइए।
2. अपने बड़े भाई/बहन को पत्र लिखकर परीक्षा में सफलता की बधाई दीजिए।
3. अपने मित्र को पत्र लिखकर उसे अपने गाँव या शहर में आने का निमंत्रण दीजिए।
4. अपने माता-पिता को पत्र लिखकर हॉस्टल में रहने के अनुभव साझा कीजिए।
5. अपने मित्र को पत्र लिखकर वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर विचार व्यक्त कीजिए।
6. अपने स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर विद्यालय में पुस्तकालय की सुविधा को और बेहतर बनाने का अनुरोध कीजिए।
7. अपने नगर निगम अधिकारी को पत्र लिखकर मोहल्ले में सड़कों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित कीजिए।
8. अपने क्षेत्र के विधायक को पत्र लिखकर जल संकट की समस्या के समाधान हेतु निवेदन कीजिए।
9. किसी प्रकाशन गृह को पत्र लिखकर अपनी पुस्तक का ऑर्डर देने हेतु अनुरोध कीजिए।
10. बैंक प्रबंधक को पत्र लिखकर अपने खाते में हुई गलत ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज कराइए।
11. अपने मित्र को पत्र लिखकर बिहार में वर्तमान विकास की दशा और दिशा का वर्णन कीजिए।
12. अपने छोटे भाई को पत्र लिखकर उसे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दीजिए।
13. अपने चाचा को पत्र लिखकर बिहार में शिक्षा प्रणाली में हुए सुधारों के बारे में जानकारी दीजिए।
14. अपने मित्र को पत्र लिखकर देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली के महत्व पर चर्चा कीजिए।
15. अपने मामा को पत्र लिखकर बिहार में हो रहे महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के बारे में बताइए।

1 Comments
Very good information
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