INTERMEDIATE EXAMINATION – 2026
विषय कोड :
Subject Code : 106 / 125 / 206 / 224
प्रश्न पुस्तिका सेट कोड
Question Booklet Set Code
कुल प्रश्न : 100 + 6 = 106
Total Question : 100 + 6 = 106
कुल मुद्रित पृष्ठ : 22
Total Printed Pages : 22
(समय : 3 घंटे 15 मिनट)
[Time : 3 Hours 15 Minutes]
(पूर्णांक : 100)
[Full Marks : 100]
परीक्षार्थियों के लिए निर्देश :
1. परीक्षार्थी OMR उत्तर-पत्रक पर अपना प्रश्न पुस्तिका क्रमांक (10 अंकों का) अवश्य लिखें।
2. परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें।
3. दाहिनी ओर हाशिये में दिये हुए अंक पूर्णांक निर्दिष्ट करते हैं।
4. प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है।
5. यह प्रश्न पुस्तिका दो खण्डों में है – खण्ड ‘A’ एवं खण्ड ‘B’।
6. खण्ड ‘A’ में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं जिनमें से किन्हीं 50 प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
50 प्रश्नों से अधिक प्रश्नों का उत्तर देने पर प्रथम 50 उत्तरों का ही मूल्यांकन किया जायेगा।
प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
सही उत्तर को उपलब्ध कराये गये OMR उत्तर-पत्रक में दिये गये सही विकल्प को काले / नीले बॉल पेन से प्रगाढ़ करें।
किसी भी प्रकार के ह्वाइटनर / तरल पदार्थ / ब्लेड / नाखून आदि का OMR उत्तर-पत्रक में प्रयोग वर्जित है।अन्यथा परीक्षा परिणाम अमान्य होगा।
7- खण्ड ‘ब’ में 6 विषयगत प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के समक्ष अंक निर्धारित है।
8- किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।
खंड – अ
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न संख्या 1 से 100 तक के प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से केवल एक सही है। इन 100 प्रश्नों में से किसी 50 प्रश्नों के अपने द्वारा चुने गए सही विकल्प को OMR उत्तर-पत्रक पर चिन्हित करें। 50 × 1 = 50
Bihar Board Class 12 Hindi Model Paper 2026
1. “गोली से घायल बच्चे की हालत खराब है” — रेखांकित अंश किस पदबंध का उदाहरण है?
(A) सर्वनाम
(B) संज्ञा
(C) विशेषण
(D) क्रियाविशेषण
2. “जल” शब्द क्या है?
(A) पुल्लिंग
(B) स्त्रीलिंग
(C) उभयलिंग
(D) इनमें से कोई नहीं
3. “बादल घिरे और मयूर नाचने लगे” — कौन-सा वाक्य है?
(A) सरल वाक्य
(B) मिश्र वाक्य
(C) संयुक्त वाक्य
(D) इनमें से कोई नहीं
4. “कौन आ रहा है” — ‘कौन’ किस सर्वनाम का उदाहरण है?
(A) प्रश्नवाचक
(B) निजवाचक
(C) संबंधवाचक
(D) पुरुषवाचक
5. सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?
(A) दो
(B) चार
(C) पाँच
(D) छह
6. वाच्य के कितने भेद होते हैं?
(A) पाँच
(B) आठ
(C) तीन
(D) छह
7. “बिहार के राज्यपाल कौन हैं” — इस वाक्य में ‘कौन’ किस सर्वनाम का उदाहरण है?
(A) पुरुषवाचक
(B) निजवाचक
(C) प्रश्नवाचक
(D) संबंधवाचक
8. “कुछ खा लो” — किस सर्वनाम का उदाहरण है?
(A) प्रश्नवाचक
(B) निश्चयवाचक
(C) अनिश्चयवाचक
(D) निजवाचक
9. “प्रथम” शब्द का विशेषण क्या है?
(A) प्राथमिक
(B) प्रयास
(C) प्रार्थना
(D) पृथक
10. “सब धन” — कौन-सा विशेषण है?
(A) संख्यावाचक
(B) परिमाणवाचक
(C) गुणवाचक
(D) सार्वनामिक
Hindi Model Paper 2026 Objective Answers
11. “सेना” का पर्यायवाची शब्द क्या है?
(A) वाहिनी
(B) तात
(C) पुष्प
(D) भवानी
12. “किरण” का पर्यायवाची शब्द क्या है?
(A) ज्योति
(B) अम्बर
(C) पद्म
(D) आदित्य
13. “अभिमान” का पर्यायवाची शब्द क्या है?
(A) अस्मिता
(B) कृषाणु
(C) तिमिर
(D) अरण्य
14. “चतुर” का पर्यायवाची शब्द क्या है?
(A) संवेदना
(B) प्रवीण
(C) भूषण
(D) वेदना
15. निम्नलिखित में शुद्ध शब्द कौन-सा है?
(A) परीक्षा
(B) परिक्ष
(C) प्रनाम
(D) प्रशाद
16. निम्नलिखित में शुद्ध शब्द कौन-सा है?
(A) कवियित्री
(B) समीती
(C) ज्येस्ट
(D) हीन्दुस्तान
17. प वर्ग का उच्चारण-स्थान क्या है?
(A) मूर्धा
(B) तालु
(C) ओष्ठ
(D) कंठ
18. “ष” वर्ण का उच्चारण-स्थान क्या है?
(A) कंठ
(B) तालु
(C) मूर्धा
(D) दन्त
19. “दिनेश पढ़ रहा है” — यह वाक्य किस काल से संबंधित है?
(A) पूर्ण वर्तमान
(B) तात्कालिक वर्तमान
(C) संदिग्ध वर्तमान
(D) सामान्य वर्तमान
20. “कृपणता” किस संज्ञा का उदाहरण है?
(A) जातिवाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) भाववाचक
(D) समूहवाचक
Hindi Model Paper 2026 Subjective Questions Solution
21. “आलोक पढ़ कर खेलने गया” — यह किस क्रिया का उदाहरण है?
(A) नामबोधक
(B) प्रेरणार्थक
(C) अकर्मक
(D) पूर्वकालिक
22. “मनुष्य” किस संज्ञा का उदाहरण है?
(A) गुणवाचक
(B) जातिवाचक
(C) व्यक्तिवाचक
(D) द्रव्यवाचक
23. “रसोईघर” शब्द कौन-सा समास है?
(A) तत्पुरुष
(B) द्विगु
(C) अव्ययीभाव
(D) बहुव्रीहि
24. “त्रिकोण” शब्द कौन-सा समास है?
(A) नञ् समास
(B) द्विगु समास
(C) द्वंद्व समास
(D) तत्पुरुष समास
25. “देश-विदेश” शब्द कौन-सा समास है?
(A) द्वंद्व
(B) तत्पुरुष
(C) अव्ययीभाव
(D) कर्मधारय
26. निम्नलिखित में कौन-सा शुद्ध वाक्य है?
(A) उसका कमर चौड़ा है।
(B) सीता ने झूठ कहा था।
(C) मैं सारी पुस्तक पढ़ डाली।
(D) तुम, मैं और वह चलेगा।
27. “जीव-जंतु” शब्द कौन-सा समास है?
(A) कर्मधारय
(B) द्वंद्व
(C) द्विगु
(D) अव्ययीभाव
28. “खिचड़ी” किस शब्द का उदाहरण है?
(A) तत्सम
(B) तद्भव
(C) देशज
(D) विदेशी
29. कारक के कितने भेद होते हैं?
(A) पाँच
(B) छह
(C) तीन
(D) आठ
Hindi Grammar Model Paper 2026 Solution
30. “आँखों से देखा” — किस कारक का उदाहरण है?
(A) करण कारक
(B) कर्म कारक
(C) संबंध कारक
(D) कर्ता कारक
31. “एक पंथ, दो काज” — लोकोक्ति का अर्थ है—
(A) दो कामों में एक न बन पाना
(B) दुगुना लाभ
(C) एक साथ दो काम
(D) एक साथ चलना
32. “पेड़ से पत्ता गिरता है” — किस कारक का उदाहरण है?
(A) अपादान कारक
(B) कर्ता कारक
(C) करण कारक
(D) संबंध कारक
33. “राम ने कहा होगा” — यह किस वाक्य का उदाहरण है?
(A) आज्ञावाचक
(B) संदेहवाचक
(C) निषेधवाचक
(D) इच्छावाचक
34. “राष्ट्र” शब्द का विशेषण क्या है?
(A) राष्ट्राध्यक्ष
(B) राष्ट्रीय
(C) देशीय
(D) राजकीय
35. “अच्छाई” शब्द कौन-सी संज्ञा है?
(A) भाववाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) समूहवाचक
(D) जातिवाचक
36. “मोती” शब्द कौन-सी संज्ञा है?
(A) समूहवाचक
(B) जातिवाचक
(C) द्रव्यवाचक
(D) व्यक्तिवाचक
37. “लेखक” शब्द कौन-सी संज्ञा है?
(A) जातिवाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) भाववाचक
(D) समूहवाचक
38. वे शब्द जो संस्कृत और प्राकृत से विकसित होकर हिंदी में आए हैं, क्या कहलाते हैं?
(A) तत्सम
(B) तद्भव
(C) देशज
(D) विदेशी
39. “नायक” शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या है?
(A) नायिका
(B) नर्तकी
(C) अभिनेत्री
(D) नायकी
40. “वृष्टि का अभाव” — इस वाक्यांश के लिए एक शब्द है—
(A) अनावृष्टि
(B) अतिवृष्टि
(C) अप्रत्याशित
(D) आशातीत
41. निम्नलिखित में कौन विसर्ग संधि का उदाहरण है?
(A) सज्जन
(B) महर्षि
(C) गायक
(D) यशोधरा
42. “चतुर्भुज” शब्द कौन-सा समास है?
(A) कर्मधारय
(B) बहुव्रीहि
(C) द्वंद्व
(D) तत्पुरुष
43. “कर्तव्य” शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) य
(B) आ
(C) व्य
(D) त्व
44. शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षर-समूह लगाया जाता है, उसे क्या कहते हैं?
(A) उपसर्ग
(B) अव्यय
(C) प्रत्यय
(D) वचन
45. “फल-फूल” शब्द में कौन-सा समास है?
(A) तत्पुरुष
(B) कर्मधारय
(C) द्वंद्व
(D) बहुव्रीहि
46. “अभ्यागत” शब्द का संधि-विच्छेद है—
(A) अभी + गत
(B) अभि + गत
(C) अभि + आगत
(D) अभी + आगत
47. “उपवन” शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) वन
(B) उप
(C) आ
(D) उद्
48. “अभिलाषा” शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) लाषा
(B) अ
(C) अभि
(D) अव
49. निम्नलिखित में पुल्लिंग शब्द कौन-सा है?
(A) कमीज
(B) टोपी
(C) संस्था
(D) सहयोग
50. “पुष्प” शब्द का विशेषण क्या होगा?
(A) पुष्पित
(B) पुष्पा
(C) पुष्पमाला
(D) फूलमाला
Bihar Board Hindi Model Paper 2026 PDF Download
51. “यह नया माल है” — इस वाक्य में “नया” शब्द क्या है?
(A) संज्ञा
(B) क्रिया
(C) सर्वनाम
(D) विशेषण
52. “दिन” शब्द का विशेषण क्या होगा?
(A) दैनिक
(B) दिनभर
(C) सुदिन
(D) दिनाकर
53. “अंडे के छिलके” शीर्षक रचना किसकी है?
(A) मोहन राकेश
(B) रघुवीर सहाय
(C) अशोक वाजपेयी
(D) ज्ञानेंद्रपति
54. नामवर सिंह को “कविता के नए प्रतिमान” शीर्षक रचना पर कौन-सा पुरस्कार प्राप्त हुआ?
(A) साहित्य अकादमी
(B) ज्ञानपीठ
(C) व्यास
(D) सरस्वती
55. “दलित साहित्य का सौंदर्यशास्त्र” किस विधा की रचना है?
(A) उपन्यास
(B) आलोचना
(C) नाटक
(D) निबंध
56. “विनय पत्रिका” शीर्षक रचना किसकी है?
(A) सूरदास
(B) तुलसीदास
(C) भूषण
(D) नाभादास
57. “अष्टयाम” शीर्षक ग्रंथ की भाषा है—
(A) ब्रजभाषा
(B) मैथिली
(C) राजस्थानी
(D) खड़ी बोली
58. कवि भूषण के आश्रयदाता थे—
(A) शिवाजी
(B) छत्रसाल
(C) शाहूजी
(D) उपर्युक्त सभी
59. “बोलने से ही मनुष्य के रूप का साक्षात्कार होता है” — यह कथन किस पाठ से संबंधित है?
(A) बातचीत
(B) टुटन
(C) रोज़
(D) तिरिछ
60. “गंडक नदी का जल तो सदियों से चंचल रहा है” — यह कथन किस पाठ से संबंधित है?
(A) ओ सदानीरा
(B) तिरिछ
(C) रोज़
(D) सिपाही की माँ
Hindi Model Paper 2026 Objective Questions with Answers
61. “रानी खेत” नामक स्थान की चर्चा किस पाठ में है?
(A) हँसते हुए मेरा अकेलापन
(B) सिपाही की माँ
(C) रोज़
(D) ओ सदानीरा
62. “बंधी हुई मुट्ठियाँ” का संबंध किस कविता से है?
(A) जन-जन का चेहरा एक
(B) पुत्र-वियोग
(C) उषा
(D) अधिनायक
63. “खिलौना” शब्द किस कविता से संबंधित है?
(A) पुत्र-वियोग
(B) हार-जीत
(C) अधिनायक
(D) गाँव का घर
64. निम्नलिखित में कौन “कामायनी” महाकाव्य का पात्र नहीं है?
(A) मनु
(B) श्रद्धा
(C) इड़ा
(D) सत्रूपा
65. हिंदी कहानी के विकास में “मील का पत्थर” कौन-सी कहानी मानी जाती है?
(A) उसने कहा था
(B) रोज़
(C) तिरिछ
(D) पंचपरमेश्वर
66. “ग्रैंग्रीन” का उल्लेख किस कहानी में है?
(A) रोज़
(B) तिरिछ
(C) शिक्षा
(D) उसने कहा था
67. “एक लेख और एक पत्र” में भगत सिंह ने पत्र किसे लिखा था?
(A) राजगुरु को
(B) सुखदेव को
(C) बिस्मिल को
(D) अशफाक खाँ को
68. “वैशाली महोत्सव” का प्रतिवर्ष आयोजन किसने प्रारंभ करवाया?
(A) जगदीश चंद्र माथुर
(B) रामधारी सिंह दिनकर
(C) नागार्जुन
(D) रघुवीर सहाय
69. “सिपाही की माँ” शीर्षक पाठ की साहित्यिक विधा क्या है?
(A) कहानी
(B) एकांकी
(C) निबंध
(D) रेखाचित्र
70. “जूठन” शीर्षक पाठ किस विधा में रचित है?
(A) रेखाचित्र
(B) शब्दचित्र
(C) आत्मकथा
(D) नाटक
Bihar Board 12th Hindi Exam Pattern 2026
71. मोहन राकेश का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) अमृतसर
(B) जयपुर
(C) इलाहाबाद
(D) प्रयागराज
72. नामवर सिंह का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) वाराणसी
(B) लखनऊ
(C) पटना
(D) राँची
73. ओमप्रकाश वाल्मीकि का जन्म-स्थान कहाँ है?
(A) मुजफ्फरनगर
(B) प्रयागराज
(C) बनारस
(D) अमृतसर
74. पाठित कविता के अनुसार चातकी किसके लिए तरसती है?
(A) स्वाति नक्षत्र की बूँदों के लिए
(B) मघा नक्षत्र की बूँदों के लिए
(C) भरणी नक्षत्र की बूँदों के लिए
(D) चित्रा नक्षत्र की बूँदों के लिए
75. रघुवीर सहाय का जन्म कहाँ हुआ था?
(A) लखनऊ में
(B) पटना में
(C) वाराणसी में
(D) इलाहाबाद में
76. कवि शमशेर बहादुर सिंह ने गतिशील बिंबों द्वारा किसका चित्रण किया है?
(A) संध्या का
(B) रजनी का
(C) दोपहर का
(D) उषा का
77. मोहन राकेश की माता का नाम क्या था?
(A) बच्चन कौर
(B) निर्मला कौर
(C) प्रकाश कौर
(D) भवानी कौर
78. नामवर सिंह के पिता का नाम क्या था?
(A) नागर सिंह
(B) रामनगर सिंह
(C) नागेश्वर सिंह
(D) नारायण सिंह
79. कवि मुक्तिबोध ने मानव की आत्मा को क्या माना है?
(A) एक
(B) अनेक
(C) मूर्त
(D) अमूर्त
80. तुलसीदास के पिता का नाम क्या था?
(A) आत्माराम मिश्र
(B) आत्माराम दुबे
(C) आत्माराम तिवारी
(D) आत्माराम पांडेय
Bihar Board Hindi Model Paper 2026 Important Questions
81. विनोद कुमार शुक्ल ने किस विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य किया?
(A) बिहार कृषि विश्वविद्यालय
(B) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय
(C) डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय
(D) पंजाब कृषि विश्वविद्यालय
82. सुभद्रा कुमारी चौहान के पिता का नाम क्या था?
(A) ठाकुर शंभुनाथ सिंह
(B) ठाकुर रामनाथ सिंह
(C) ठाकुर शंभू सिंह
(D) ठाकुर रामानंद सिंह
83. जयप्रकाश नारायण का जन्म किस वर्ष हुआ था?
(A) 1902 ई.
(B) 1910 ई.
(C) 1909 ई.
(D) 1912 ई.
84. भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह ने विदेशों से किस आंदोलन का संचालन किया?
(A) प्रबुद्ध भारत
(B) मुक्तिसंग्राम
(C) युवासंग्राम
(D) स्वदेशी
85. राजा ननंददेव किस राजवंश से संबंधित थे?
(A) पाल वंश
(B) कर्णाट वंश
(C) चोल वंश
(D) मल्ल राजवंश
86. तुलसीदास का जन्म किस वर्ष हुआ था?
(A) 1543 ई.
(B) 1443 ई.
(C) 1643 ई.
(D) 1545 ई.
87. कवि रघुवीर सहाय के अनुसार कौन अपनी जय-जयकार कराता है?
(A) जनता
(B) घरचना
(C) कृषक
(D) अधिनायक
88. निम्नलिखित में कौन “उसने कहा था” कहानी का पात्र नहीं है?
(A) ओझा सिंह
(B) बोधा सिंह
(C) वीरम सिंह
(D) पोल्हूराम
89. राष्ट्रकवि के रूप में कौन प्रसिद्ध हुए?
(A) रामधारी सिंह दिनकर
(B) जयशंकर प्रसाद
(C) रघुवीर सहाय
(D) निराला
90. रामधारी सिंह दिनकर किस युग के कवि हैं?
(A) प्रयोगवादी युग
(B) भारतेन्दु युग
(C) द्विवेदी युग
(D) छायावादोत्तर युग
Bihar Board 12th Hindi Exam Pattern 2026
91. “तिरिछ” शीर्षक पाठ की साहित्यिक विधा है—
(A) ऐतिहासिक पत्र
(B) संस्मरण
(C) कहानी
(D) रेखाचित्र
92. “ओ सदानीरा” शीर्षक पाठ हिंदी साहित्य में किस विधा के अंतर्गत है?
(A) नाटक
(B) यात्रा-वृत्तांत
(C) उपन्यास
(D) निबंध
93. “गाँव का घर” शीर्षक कविता के कवि कौन हैं?
(A) ज्ञानेंद्रपति
(B) अशोक वाजपेयी
(C) रघुवीर सहाय
(D) भूषण
94. “कौमुदी” नामक कविता-केंद्र की स्थापना किसने की?
(A) अशोक वाजपेयी
(B) रघुवीर सहाय
(C) अज्ञेय
(D) दिनकर
95. चेखव किस देश के रहने वाले थे?
(A) जापान
(B) अमेरिका
(C) रूस
(D) ब्रिटेन
96. इवान दिमित्रिच चेरव्यकोव पेशे से क्या थे?
(A) अभिनेता
(B) क्लर्क
(C) प्रोफेसर
(D) डॉक्टर
97. कौन लेखक कांगो के शिक्षामंत्री, वित्तमंत्री एवं प्रधानमंत्री रह चुके हैं?
(A) हेनरी लोपेज़
(B) आंतोन चेखव
(C) गाइ-दि-मोपासां
(D) इनमें से कोई नहीं
98. वात्सल्य भाव के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं—
(A) सूरदास
(B) कबीरदास
(C) भूषण
(D) जायसी
99. “कारमेन” किस कहानी का पात्र है?
(A) पेशगी
(B) क्लर्क की मौत
(C) रोज़
(D) तिरिछ
100. “प्रेम के पीर” के कवि कौन हैं?
(A) जायसी
(B) तुलसीदास
(C) सूरदास
(D) कबीरदास
Bihar Board Class 12 Hindi Preparation Tips for 2026 Exam
खंड – ब
विषयवस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए। 1 × 8 = 8
(i) मेरे प्रिय कवि
(ii) हमारे पावन पर्व
(iii) चुनाव-प्रक्रिया
(iv) महिला सशक्तिकरण
(v) आपका प्रिय खेल
(vi) लोकतंत्र की दशा और दिशा
2. निम्नलिखित में से किसी दो अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। 2 × 4 = 8
(i) “सच है, जब तक मनुष्य बोलता नहीं तब तक उसका गुण-दोष प्रकट नहीं होता।”
(ii) “सदियों से नारी अपने भीतर के नर को और नर अपने भीतर की नारी को बेहद दबाता आ रहा है।”
(iii) “पवन की प्राचीर में रुक, जला जीवन जा रहा झुक,
इस झुलसते विश्व-वन की, मैं कुसुम ऋतु रात रे मन!”
(iv) “आज दिशाएँ भी हँसती हैं, हर्ष विश्व पर छाया,
मेरा खोया हुआ खिलौना अब तक मेरे पास न आया।”
3. अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य के पास एक आवेदन-पत्र लिखिए, जिसमें खेल-सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया हो। 1 × 5 = 5
अथवा
अपने पिता के पास एक पत्र लिखते हुए अपने छात्रावास के जीवन के बारे में बताइए।
4. निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी पाँच के उत्तर दीजिए। 5 × 2 = 10
(i) लहना सिंह के गाँव में आया तुर्की मौलवी क्या कहता था?
(ii) बुद्ध ने आनंद से क्या कहा?
(iii) भगत सिंह की विद्यार्थियों से क्या अपेक्षाएँ हैं?
(iv) गाँधीजी के शिक्षा-संबंधी आदर्श क्या थे?
(v) ‘जूठन’ शीर्षक पाठ में घर पहुँचने पर लेखक को देखकर उनकी माँ क्यों रो पड़ती है?
(vi) जायसी रचित पहले कड़बक में कलंक, काँच और कंचन से क्या तात्पर्य है?
(vii) कृष्ण खाते समय क्या-क्या करते हैं?
(viii) कवि मुक्तिबोध ने सितारों को भयानक क्यों कहा है?
(ix) ‘गाँव का घर’ शीर्षक कविता में किस शोकगीत की चर्चा है?
(x) ‘हार-जीत’ शीर्षक कविता में सड़कों को क्यों सींचा जा रहा है?
5. निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी तीन के उत्तर दीजिए। 3 × 5 = 15
(i) अगर हमें वाक्-शक्ति न होती तो क्या होता?— ‘बातचीत’ शीर्षक निबंध के आधार पर उत्तर दीजिए।
(ii) लहना सिंह का परिचय अपने शब्दों में दीजिए।
(iii) प्रवृत्ति मार्ग और निवृत्ति मार्ग क्या है?
(iv) कवयित्री स्वयं को असहाय और विवश क्यों कहती है?
(v) ‘हार-जीत’ शीर्षक कविता का भावार्थ लिखिए।
(vi) भूषण के प्रथम कवित्त का सारांश लिखि
6. निम्नलिखित अवतरणों में से किसी एक का संक्षेपण कीजिए। 1 × 4 = 4
(i) जीवन में बहुत-सी चीजें बहुत ज़रूरी हैं, पर पानी सबसे अधिक ज़रूरी है। अन्न के बिना दो-चार दिनों तक रहना संभव है, पर पानी के बिना एक दिन भी गुज़ारना कठिन है। ऐसी हालत में हमारे देश में पीने के पानी की समस्या का बने रहना घोर लज्जा का विषय है। सरकार को इस समस्या का समाधान करना चाहिए। इससे भारत में पशु, पक्षी और मानव का जीवन नष्ट होने से बचाया जा सकता है।
(ii) मनुष्य का मन सदैव गतिशील रहता है। ऐसा होता है कि विरोधी शक्तियाँ उसे अपनी ओर खींचती हैं। जो मनुष्य विपरीत परिस्थितियों में अपने को मज़बूती से खड़ा नहीं रख सकते और उस धारा के साथ बह जाते हैं, वे कभी अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकते। उनके लिए यही कहना उचित होगा कि वे जीवित रहते हुए भी मृतक के समान हैं। मन की अवस्था तो सभी की पलटती है। जो व्यक्ति समय और परिस्थिति को समझ लेते हैं, वे कभी धोखा नहीं खाते और कठिनाइयों के बीच भी अपना रास्ता खोज लेते हैं। कुछ लोग प्रतिकूल मनोदशा से त्रस्त होकर चुप रहते हैं। ऐसे मनुष्यों का जीवन नारकीय बन जाता है।
ANSWER
1.. (i) मेरे प्रिय कवि: मेरे प्रिय कवि कबीरदास हैं। वे हिंदी साहित्य के महान संत कवि माने जाते हैं। कबीरदास ने अपने दोहों के माध्यम से समाज को सच्चाई, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। उनकी रचनाएँ सरल भाषा में लिखी गई हैं, लेकिन उनमें गहरा अर्थ छिपा होता है।
कबीरदास ने जाति-पाति, ऊँच-नीच, अंधविश्वास और धार्मिक आडंबरों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईश्वर मंदिर या मस्जिद में नहीं, बल्कि सच्चे मन और अच्छे कर्मों में बसता है। उनके दोहे आज भी समाज को सही मार्ग दिखाते हैं।
कबीर की भाषा सधुक्कड़ी है, जिसे सामान्य लोग आसानी से समझ सकते हैं। उनकी रचनाएँ केवल कविता नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन हैं।
मुझे कबीरदास इसलिए प्रिय हैं क्योंकि वे समाज सुधारक थे और उन्होंने मानवता, समानता और सत्य का संदेश दिया। उनकी कविताएँ मुझे अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देती हैं।
(ii) हमारे पावन पर्व: भारत पर्वों का देश है। यहाँ अनेक पावन पर्व मनाए जाते हैं, जैसे दीपावली, होली, दशहरा, ईद और क्रिसमस। ये पर्व हमारी संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते हैं। पर्व हमें आनंद, प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं। दीपावली प्रकाश का पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। होली रंगों का पर्व है, जो आपसी प्रेम और मेल-जोल को बढ़ाता है। ईद त्याग और भाईचारे की भावना सिखाती है, जबकि क्रिसमस प्रेम और शांति का संदेश देता है।
पर्वों के अवसर पर लोग घर सजाते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। इससे सामाजिक एकता मजबूत होती है। हमारे पावन पर्व हमें मिल-जुलकर रहने और आपसी भेदभाव भूलने की शिक्षा देते हैं। यही इन पर्वों का वास्तविक महत्व है।
(iii) चुनाव-प्रक्रिया: चुनाव-प्रक्रिया लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है। भारत में चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कराए जाते हैं। चुनाव के समय विभिन्न राजनीतिक दल अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं और जनता के सामने अपने विचार रखते हैं। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके योग्य उम्मीदवार को चुनते हैं। मतदान गुप्त होता है, जिससे लोग बिना डर के वोट डाल सकें।
भारत में चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया की देखरेख करता है। मतदान के बाद मतों की गिनती होती है और विजेता घोषित किया जाता है। चुनाव-प्रक्रिया जनता को अधिकार देती है, साथ ही जिम्मेदारी भी सिखाती है। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह मतदान करे और लोकतंत्र को मजबूत बनाए।
(iv) महिला सशक्तिकरण: महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को समान अधिकार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना। समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पहले महिलाओं को सीमित समझा जाता था, लेकिन आज वे शिक्षा, राजनीति, विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। सरकार भी महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएँ चला रही है। शिक्षा महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा साधन है। शिक्षित महिला न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाती है। महिला सशक्तिकरण से समाज संतुलित और मजबूत बनता है। इसलिए हमें महिलाओं को सम्मान देना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने चाहिए।
(v) मेरा प्रिय खेल: मेरा प्रिय खेल क्रिकेट है। यह खेल भारत में अत्यंत लोकप्रिय है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसे बड़े उत्साह से देखते और खेलते हैं। क्रिकेट खेलने से शरीर स्वस्थ रहता है और मानसिक विकास भी होता है। इस खेल से हमें अनुशासन, धैर्य और टीम भावना की सीख मिलती है। मैं अपने खाली समय में मित्रों के साथ क्रिकेट खेलता हूँ। इससे मेरा मन प्रसन्न रहता है और तनाव दूर होता है। यह खेल हार और जीत दोनों को समान रूप से स्वीकार करना सिखाता है। क्रिकेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन के कई महत्वपूर्ण मूल्य भी सिखाता है। इसी कारण क्रिकेट मेरा सबसे प्रिय खेल है।
(vi) लोकतंत्र की दशा और दिशा: लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें जनता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त होता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ नागरिक अपने प्रतिनिधि स्वयं चुनते हैं। वर्तमान समय में लोकतंत्र की दशा ठीक है, लेकिन कुछ समस्याएँ भी हैं, जैसे भ्रष्टाचार और राजनीतिक स्वार्थ। इन कारणों से लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। लोकतंत्र की दिशा तभी सही होगी जब जनता जागरूक होगी और अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझेगी। निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र मीडिया और शिक्षित नागरिक लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।
हमें लोकतंत्र की रक्षा के लिए ईमानदारी, जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
2. (I) ऊपर दी गई पंक्ति बातचीत निबंध से ली गई है। इसमें निबंधकार बालकृष्ण भट्ट कहना चाहते हैं कि मनुष्य का वास्तविक स्वभाव उसके बोलने से ही प्रकट होता है। जब तक कोई व्यक्ति मौन रहता है, तब तक उसके गुण और दोष छिपे रहते हैं। बातचीत के माध्यम से ही व्यक्ति की सोच, संस्कार, बुद्धि और चरित्र सामने आते हैं। वाणी मनुष्य का सबसे बड़ा परिचय होती है। इसलिए लेखक संवाद को सामाजिक जीवन का आवश्यक अंग मानते हैं और सोच-समझकर बोलने की सलाह देते हैं।
(II) यह पंक्ति अर्धनारीश्वर निबंध से ली गई है। इसमें दिनकर जी बताते हैं कि समाज ने सदियों से पुरुष और नारी के स्वाभाविक गुणों को दबाने का प्रयास किया है। नारी में विद्यमान साहस और स्वतंत्रता को तथा पुरुष में मौजूद कोमलता और संवेदना को स्वीकार नहीं किया गया। लेखक का मत है कि पुरुष और नारी दोनों में एक-दूसरे के गुण होते हैं और उनका संतुलन ही पूर्ण मानवता का निर्माण करता है। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब इस मानसिक बंधन को तोड़ा जाएगा।
(III) यह पंक्ति तुमुल कोलाहल कलह में से ली गई है | इस पंक्ति में कवि जयशंकर प्रसाद जीवन के संघर्ष और पीड़ा का चित्रण करते हैं। कवि कहते हैं कि संसार रूपी वन में चारों ओर ताप, संघर्ष और अशांति फैली हुई है। जीवन इस झुलसते वातावरण में धीरे-धीरे जलता जा रहा है। ऐसे कठिन समय में कवि अपने मन को संबोधित करते हुए शांति और सौंदर्य की कामना करते हैं। “कुसुम ऋतु रात” आशा और शांति का प्रतीक है, जो जीवन के संघर्षों के बीच भी मन को संबल देती है।
(IV) यह पंक्ति पुत्र-वियोग कविता से ली गई है। इसमें कवयित्री एक माँ के गहरे दुख को व्यक्त करती हैं। संसार में चारों ओर खुशी और उल्लास का वातावरण है, लेकिन माँ का मन अपने खोए हुए पुत्र के कारण शोक से भरा है। “खिलौना” यहाँ पुत्र का प्रतीक है, जो अब माँ के पास नहीं है। यह पंक्ति मातृ-हृदय की पीड़ा, ममता और असहनीय वियोग को अत्यंत मार्मिक रूप में प्रस्तुत करती है।
3. सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय
राजकीय उच्च विद्यालय
पटना, बिहार।
विषय : विद्यालय में खेल-सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन।
महोदय
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा बारहवीं का छात्र हूँ। हमारे विद्यालय में खेलकूद के लिए पर्याप्त खेल-सामग्री उपलब्ध नहीं है। खेल के समय विद्यार्थियों को क्रिकेट बैट, बॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन रैकेट आदि आवश्यक सामग्री के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस कारण विद्यार्थी नियमित रूप से खेल अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
खेलकूद विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। खेलों से अनुशासन, सहयोग और टीम-भावना का विकास होता है। यदि विद्यालय में पर्याप्त खेल-सामग्री उपलब्ध कराई जाए, तो विद्यार्थी खेलों में रुचि लेकर भाग लेंगे और विद्यालय का नाम विभिन्न प्रतियोगिताओं में रोशन करेंगे।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि विद्यालय में आवश्यक खेल-सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय
आपका आज्ञाकारी छात्र
नाम : राहुल वर्मा
कक्षा : बारहवीं (12वीं)
अनुक्रमांक : 27
दिनांक : 10 जनवरी 2026
अथवा
छात्रावास
राजकीय उच्च विद्यालय
पटना, बिहार।
दिनांक : 10 जनवरी 2026
प्रिय पिताजी,
सादर प्रणाम।
आशा है कि आप, माँ और घर के सभी सदस्य स्वस्थ एवं प्रसन्न होंगे। यहाँ मैं भी पूर्णतः स्वस्थ हूँ और मन लगाकर पढ़ाई कर रहा हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं आपको अपने छात्रावास के जीवन के बारे में बताना चाहता हूँ।
छात्रावास का जीवन बहुत ही अनुशासित और उपयोगी है। यहाँ दिन की शुरुआत प्रातःकालीन प्रार्थना से होती है। इसके बाद हम सभी छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं। छात्रावास में पढ़ने का वातावरण शांत और अनुशासित है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है। समय-समय पर शिक्षक हमारी पढ़ाई की जाँच भी करते हैं।
यहाँ भोजन स्वच्छ और समय पर मिलता है। खेलकूद की भी अच्छी व्यवस्था है, जिससे हमारा शारीरिक विकास होता है। छात्रावास में रहते हुए आत्मनिर्भरता, समय का महत्व और सहयोग की भावना सीखने को मिलती है।
मुझे घर की बहुत याद आती है, लेकिन छात्रावास का जीवन मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आप मेरी चिंता न करें और अपना ध्यान रखें।
माँ को मेरा प्रणाम कहिएगा।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
राहुल वर्मा
4. (I) मौलवी ने कहा कि जर्मनी के लोग वेदों से विमान चलाने की विद्या सीख गए हैं। वह मंडी में बनियों को भड़काकर डाकखाने से पैसा निकालने को कहता था कि सरकार का राज समाप्त होने वाला है।
(II) बुद्ध ने आनंद से कहा कि संसार दुखमय है, सब कुछ क्षणभंगुर है। मनुष्य को आसक्ति छोड़कर सत्य और करुणा के मार्ग पर चलकर ही शांति प्राप्त करनी चाहिए।
(III) भगत सिंह चाहते थे कि विद्यार्थी राजनीति व सामाजिक परिस्थितियों को समझें, उनके सुधार हेतु चिंतन करें और राष्ट्रसेवा में समर्पित रहें।
(IV) गांधीजी चरित्र, ज्ञान व बौद्धिक विकास को शिक्षा का मूल मानते थे। वे व्यावसायिक शिक्षा के पक्षधर थे, ताकि विद्यार्थी पारंपरिक व्यवसायों को उन्नत बना सकें।
(V) लेखक मृत पशु की खाल उतारने गया था। भारी गठरी उठाकर लौटते समय वह थककर चूर हो गया। उसे गंदगी में सना देखकर माँ रो पड़ीं, क्योंकि वे नहीं चाहती थीं कि वह भी इस अमानवीय काम में फँसे।
(VI) जायसी बताते हैं कि जैसे चंद्रमा का कलंक उसकी चमक में छिप जाता है, वैसे ही गुणी व्यक्ति के दोष महत्वहीन हो जाते हैं। सुमेरु पर्वत शिव के त्रिशूल से कंचन बन गया, जैसे सज्जनों के प्रभाव से दुर्जन श्रेष्ठ बनते हैं। संघर्ष व तपस्या से ही श्रेष्ठता प्राप्त होती है।
(VII) कृष्ण नंद बाबा की गोद में बैठे भोजन कर रहे हैं। वे कुछ खाते, कुछ गिराते और कुछ हाथ में पकड़कर खेलते हैं। विभिन्न व्यंजनों में से उन्हें दही सबसे प्रिय है। वे मिश्री, दही और मक्खन मिलाकर खाते हैं, जिससे उनकी बाल-सुलभ चेष्टाएँ मनमोहक लगती हैं।
(VIII) सितारा जनता का प्रतीक है। जब शोषण बढ़ता है, तो जनता विद्रोह करती है और क्रांति का स्वरूप धारण करलेती है। इसका इशारा अन्याय और शोषकों के विरुद्ध क्रांति की ओर है, जिससे अत्याचारी वर्ग भयभीत हो जाता है।
(IX) कविता में होरी, चैती, बिरहा और आल्हा जैसे लोकगीतों के मौन हो जाने की चर्चा है। पहले गाँव में इन लोकगीतों के माध्यम से उल्लास और जीवन्तता थी, पर अब वहाँ सन्नाटा छा गया है। लोकगीतों का यह लोप एक अनकहे शोक गीत के समान है, जो ग्रामीण संस्कृति के क्षय और उदासी को प्रकट करता है।
(X) एक बूढ़ा मशकवाला सड़कों पर पानी छिड़क रहा है ताकि जब शासक विजय यात्रा करें, तो उन पर धूल न पड़े। यह दिखाता है कि सत्ता के लोगों के आराम और प्रतिष्ठा के लिए आम जनता को ही मेहनत करनी पड़ती है।
5 (I) ‘बातचीत’ निबंध के अनुसार यदि मनुष्य में वाक्-शक्ति न होती तो यह संसार एक गूँगी सृष्टि बन जाता। लोग अपने सुख-दुख, विचार और भावनाएँ एक-दूसरे से प्रकट ही नहीं कर पाते। मनुष्य की अन्य इंद्रियाँ तो काम करतीं, पर उनके अनुभव दूसरों तक पहुँच नहीं पाते, इसलिए समाज का निर्माण असंभव हो जाता। बातचीत के बिना मन का बोझ हल्का नहीं होता और चित्त में भरा हुआ दुख-दर्द बाहर नहीं निकल पाता। निबंध में बताया गया है कि बातचीत से मन प्रसन्न और हल्का हो जाता है। रॉबिन्सन क्रूसो को वर्षों बाद किसी मनुष्य की आवाज़ सुनकर जो आनंद हुआ, वह वाक्-शक्ति के महत्व को दिखाता है। सच तो यह है कि बोलने से ही मनुष्य का असली स्वरूप प्रकट होता है। इसलिए वाक्-शक्ति मनुष्य के लिए ईश्वर का एक महान वरदान है।
(II) लहना सिंह कहानी का एक साहसी, समझदार और कर्तव्यनिष्ठ सिख सैनिक है। वह नं. 77 सिख राइफल्स में जमादार था और युद्ध के मैदान में अपनी सूझ-बूझ तथा बहादुरी के लिए प्रसिद्ध था। वह न केवल वीर था बल्कि बहुत संवेदनशील और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने वाला भी था। बोधा सिंह के प्रति उसका प्रेम और त्याग इस बात को दिखाता है कि वह अपने साथियों को अपने परिवार की तरह मानता था।
जब उसने देखा कि एक जर्मन सैनिक अंग्रेज अफसर बनकर धोखा दे रहा है, तो उसने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे रोक दिया और पूरी पलटन को बचा लिया। अंत में सूबेदारनी के वचन को निभाते हुए उसने बोधा और सूबेदार की जान बचाई और स्वयं शहीद हो गया। इस प्रकार लहना सिंह सच्चा वीर, त्यागी और देशभक्त था।
(III) अर्धनारीश्वर निबंध के अनुसार प्रवृत्ति मार्ग वह जीवन-पद्धति है जिसमें मनुष्य संसार, जीवन और आनंद को स्वीकार करता है। इसमें कर्म, प्रेम, परिवार और भोग को जीवन का स्वाभाविक हिस्सा माना जाता है। जो लोग प्रवृत्ति मार्ग पर चलते हैं, वे जीवन से आनंद चाहते हैं, इसलिए वे नारी को भी अपनाते हैं और उसे जीवन-साथी तथा आनंद का स्रोत मानते हैं।
इसके विपरीत निवृत्ति मार्ग वह मार्ग है जिसमें मनुष्य संसार, संबंधों और भोग से दूर हटकर मोक्ष और आत्मिक मुक्ति की खोज करता है। इस मार्ग के अनुयायी जीवन और नारी दोनों से दूर भागते हैं। वे नारी को साधना में बाधा समझते हैं और उसे त्याग देते हैं। इसी कारण अनेक स्त्रियाँ पति के संन्यास लेने से दुख और अकेलेपन का शिकार बनीं।
अतः प्रवृत्ति मार्ग जीवन और नारी को अपनाता है, जबकि निवृत्ति मार्ग उनसे दूरी बनाता है।
(IV) कवयित्री स्वयं को असहाय और विवश इसलिए कहती है क्योंकि उसका सबसे प्रिय “खिलौना”—उसका बेटा—मृत्यु के कारण उससे छिन गया है। उसने अपने पुत्र की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया। वह उसे ठंड से बचाने के लिए गोद से नहीं उतारती थी, उसके बुलाने पर दौड़ जाती थी, लोरियाँ गाकर सुलाती थी और उसके लिए देवताओं से प्रार्थनाएँ करती थी। फिर भी वह अपने बच्चे को बचा नहीं सकी।
पुत्र की मृत्यु के बाद वह कुछ भी नहीं कर पाई—न उसे लौटा सकी, न अपने दुःख को रोक सकी। इसलिए वह कहती है कि वह असहाय है और विवश है। उसका जीवन सूना हो गया है और मन को कोई शांति नहीं मिल रही। बेटे के बिना उसका संसार अर्थहीन लगने लगा है।
(V) अशोक वाजपेयी की गद्य-कविता "हार-जीत" युद्ध की वास्तविकता पर सवाल उठाती है। कवि बताते हैं कि शासक विजय का उत्सव मना रहे हैं, शहर को सजाया जा रहा है, और जनता को यह विश्वास दिलाया गया है कि उनकी सेना युद्ध जीतकर लौटी है। लेकिन जनता को यह नहीं पता कि युद्ध कहाँ हुआ, क्यों हुआ, कितने सैनिक गए और कितने लौटे।
कवि दर्शाते हैं कि यह विजय किसकी है—सेना की, शासक की या जनता की—यह कोई नहीं जानता। इसी बीच, एक बूढ़ा मशकवाला सड़क पर पानी छिड़क रहा है ताकि शासकों पर धूल न पड़े। वह कहता है कि असल में हार ही लौटी है, पर किसी का इस ओर ध्यान नहीं जाता।
इस कविता का मुख्य संदेश यह है कि युद्ध में जीत या हार नहीं होती, केवल विनाश होता है। शासक अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए जनता को व्यस्त रखते हैं ताकि वे सोच न सकें।
(VI) कवि भूषण द्वारा रचित इन पंक्तियों में छत्रपति शिवाजी के अद्भुत शौर्य, पराक्रम और विजयी शक्ति का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। कवि शिवाजी की तुलना इंद्र, राम, कृष्ण, शिव, परशुराम, सिंह, अग्नि और प्रकाश जैसी महाशक्तियों से करता है। जिस प्रकार इंद्र ने जंभासुर को, राम ने रावण को, कृष्ण ने कंस को और परशुराम ने सहस्रबाहु को पराजित किया, उसी प्रकार शिवाजी अपने शत्रुओं पर पूरी तरह हावी हैं। वे मलेच्छ आक्रांताओं के लिए भय का कारण हैं और धर्म की रक्षा करने वाले वीर योद्धा हैं। जैसे आग जंगल को जला देती है और सिंह हाथी को पराजित करता है, वैसे ही शिवाजी अपने विरोधियों को नष्ट कर देते हैं। इस प्रकार कवि शिवाजी को अन्याय, अत्याचार और अधर्म का नाश करने वाला महान नायक सिद्ध करता है।
6 (I) शीर्षक : जल का महत्व
संक्षेपीकरण : पानी जीवन की सबसे आवश्यक वस्तु है। देश में पीने के पानी की समस्या बहुत शर्मनाक है। सरकार को इसका समाधान करना चाहिए ताकि मानव, पशु और पक्षियों का जीवन सुरक्षित रह सके।
मूल शब्द संख्या : 76
संक्षिप्त शब्द संख्या : 33
(II) शीर्षक : दृढ़ मन का महत्व
संक्षेपीकरण : मनुष्य का मन सदा गतिशील रहता है। जो लोग विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं को संभालते हैं, वे सफलता पाते हैं। जो धारा के साथ बह जाते हैं, वे अपना लक्ष्य खो देते हैं और उनका जीवन निरर्थक बन जाता है।
मूल शब्द संख्या : 115
संक्षिप्त शब्द संख्या : 41

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